ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के आयोजन से ठीक पहले, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के बीच एक महत्वपूर्ण चर्चा हुई है। इस बातचीत में दोनों नेताओं ने भारत और रूस के बीच रणनीतिक साझेदारी को और अधिक सुदृढ़ करने पर अपनी सहमति व्यक्त की है।
साझेदारी को नई गति देने पर जोर
दोनों देशों के शीर्ष नेतृत्व ने आपसी सहयोग के विभिन्न क्षेत्रों में संबंधों को नई ऊंचाइयों पर ले जाने का संकल्प लिया है। ब्रिक्स (BRICS) जैसे महत्वपूर्ण वैश्विक मंच के आयोजन के संदर्भ में इस मुलाकात को काफी अहम माना जा रहा है। कूटनीतिक जानकारों का मानना है कि यह चर्चा दोनों देशों के बीच पारंपरिक और मजबूत संबंधों को और अधिक गहरा करने की दिशा में एक बड़ा कदम है।
वैश्विक मंच पर भारत-रूस का महत्व
भारत और रूस के बीच दशकों पुराने संबंध रहे हैं, जो समय के साथ रक्षा, ऊर्जा और व्यापार जैसे प्रमुख क्षेत्रों में और अधिक प्रगाढ़ हुए हैं। ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के दौरान भी इन संबंधों का प्रभाव स्पष्ट रूप से देखा जा सकता है, जहां दोनों देश वैश्विक चुनौतियों और आर्थिक सहयोग पर चर्चा करने के लिए एक साथ मंच साझा करेंगे।
इस सहमति के बाद, उम्मीद की जा रही है कि आने वाले समय में भारत और रूस के बीच विभिन्न द्विपक्षीय समझौतों और परियोजनाओं में तेजी आएगी, जिससे न केवल दोनों देशों की अर्थव्यवस्था को लाभ होगा, बल्कि वैश्विक स्तर पर भी एक सकारात्मक संदेश जाएगा।



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