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Dengue Critical Phase: बुखार उतरने के बाद भी खतरा, 48 घंटे रहें सावधान

डेंगू में बुखार उतरते ही न बरतें लापरवाही! अगले 24 से 48 घंटे हो सकते हैं बेहद अहम

Shubhi Mishra3 min read
Dengue Critical Phase: बुखार उतरने के बाद भी खतरा, 48 घंटे रहें सावधान
Shubhi Mishra
Shubhi Mishra

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डेंगू में बुखार उतरते ही न बरतें लापरवाही! अगले 24 से 48 घंटे हो सकते हैं बेहद अहम

डेंगू होने पर ज्यादातर लोग प्लेटलेट्स कम होने को सबसे बड़ा खतरा मानते हैं, लेकिन इस बीमारी में एक ऐसा दौर भी आता है, जब बुखार उतरने के बाद मरीज को लगता है कि अब वह ठीक हो रहा है। जबकि डॉक्टरों के मुताबिक, यही समय डेंगू का क्रिटिकल फेज हो सकता है। इस दौरान लापरवाही बरतना मरीज के लिए गंभीर साबित हो सकता है। इसलिए बुखार कम होने का मतलब यह नहीं है कि डेंगू पूरी तरह ठीक हो गया है।

डेंगू के खतरे, वैक्सीन, इलाज और बचाव को लेकर हेल्थ वेल्थ समिट 2026 के 'ऑपरेशन ऑल आउट' सत्र में विशेषज्ञों ने अहम जानकारियां साझा कीं। इस दौरान प्रो. डॉ. संजीव बगाई और डॉ. सुशीला कटारिया ने बताया कि डेंगू किसी को भी हो सकता है। फिट और स्वस्थ दिखने वाले लोगों को भी इस बीमारी का खतरा रहता है।

बुखार उतरने के बाद 24 से 48 घंटे रहें सतर्क

डॉक्टरों के मुताबिक, डेंगू में आमतौर पर बुखार 2 से 7 दिनों तक रह सकता है। इसके बाद जब बुखार कम होने लगता है, तो कुछ मरीजों में अगले 24 से 48 घंटे क्रिटिकल फेज हो सकते हैं। इस दौरान पेट में तेज दर्द, लगातार उल्टी, नाक या मसूड़ों से खून आना, अत्यधिक कमजोरी, बेचैनी, सांस लेने में परेशानी और शरीर में ठंडापन जैसे लक्षण दिखाई दें तो तुरंत अस्पताल पहुंचना चाहिए।

विशेषज्ञों ने यह भी स्पष्ट किया कि केवल प्लेटलेट्स की संख्या देखकर मरीज की गंभीरता तय नहीं की जा सकती। मरीज का ब्लड प्रेशर, ब्लीडिंग, शरीर की स्थिति और अन्य जांचों को ध्यान में रखकर ही इलाज का फैसला किया जाता है।

बिना डॉक्टर की सलाह न लें दवाएं

डॉ. संजीव बगाई ने डेंगू में समय पर इलाज और मेडिकल निगरानी को बेहद जरूरी बताया। उन्होंने सलाह दी कि मरीज घरेलू नुस्खों के भरोसे न रहें और बिना डॉक्टर की सलाह के दवाओं का सेवन न करें। खासतौर पर एस्पिरिन और इबुप्रोफेन जैसी दवाओं से बचना चाहिए, क्योंकि इनसे ब्लीडिंग का खतरा बढ़ सकता है। बुखार के लिए पैरासिटामोल भी डॉक्टर की सलाह और बताई गई खुराक के अनुसार ही लेनी चाहिए।

डेंगू वैक्सीन के साथ मच्छरों से बचाव भी जरूरी

सत्र में डॉ. बगाई ने डेंगू वैक्सीन से जुड़े क्लिनिकल प्रमाण और उससे मिलने वाली सुरक्षा पर चर्चा की। वहीं, डॉ. सुशीला कटारिया ने कहा कि वैक्सीन लगवाने के बावजूद मच्छरों से बचाव करना जरूरी है। उन्होंने वाराणसी के पास पंडितपुर में चलाए गए 'ऑपरेशन ऑल आउट' जैसे अभियानों का भी जिक्र किया।

विशेषज्ञों के मुताबिक, डेंगू से बचने के लिए पूरे साल मच्छरों को पनपने से रोकना जरूरी है। इसके लिए घरों में पानी जमा न होने दें, कूलर और गमलों की नियमित सफाई करें और मच्छरों से बचाव के लिए पूरी बांह के कपड़े पहनें।

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