बेंगलुरु: साउथ सुपरस्टार यश (Yash) की बहुप्रतीक्षित फिल्म ‘Toxic: A Fairy Tale for Grown-Ups’ रिलीज से पहले कानूनी वजहों से चर्चा में आ गई है। बेंगलुरु की एक अदालत ने फिल्म के खिलाफ झूठा, दुर्भावनापूर्ण, मानहानिकारक या अपमानजनक कंटेंट प्रकाशित, शेयर, प्रसारित या स्ट्रीम करने पर अंतरिम रोक लगा दी है।
यह आदेश फिल्म की प्रोडक्शन कंपनी KVN Productions LLP की ओर से दायर मुकदमे पर सुनवाई के दौरान जारी किया गया। अदालत ने इस मामले में John Doe Order भी पारित किया है, जिसका दायरा उन अज्ञात व्यक्तियों तक भी है जिनकी पहचान फिलहाल सामने नहीं आई है।
‘Toxic’ के खिलाफ पोस्ट और कंटेंट पर कोर्ट की रोक
बेंगलुरु के Additional City Civil and Sessions Judge ने KVN Productions LLP की याचिका पर सुनवाई करते हुए ex-parte temporary injunction जारी किया। अदालत ने प्रथम दृष्टया निर्माता के पक्ष में मामला और balance of convenience पाया।
अदालत के आदेश के अनुसार, संबंधित पक्षों को फिल्म ‘Toxic’ के बारे में किसी भी मीडिया के माध्यम से ऐसी सामग्री communicate, publish, circulate, share, post, stream या उपलब्ध कराने से रोका गया है, जिसे झूठा, दुर्भावनापूर्ण, मानहानिकारक या अपमानजनक माना जाए।
क्या है John Doe Order?
इस मामले में अदालत का John Doe Order खास महत्व रखता है। इसका इस्तेमाल ऐसे मामलों में किया जाता है जहां संभावित रूप से नुकसान पहुंचाने वाले लोगों की पहचान पहले से स्पष्ट नहीं होती।
‘Toxic’ मामले में आदेश केवल नामित प्रतिवादियों तक सीमित नहीं है। अदालत ने अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ भी अंतरिम सुरक्षा दी है। LiveLaw के अनुसार, अदालत ने कर्नाटक हाई कोर्ट के Meera Ajith v. John Doe @ Ashok Kumar मामले में दिए गए फैसले का भी हवाला दिया, जिसमें वास्तविक खतरे और prima facie case होने पर अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ injunction की संभावना को मान्यता दी गई थी।
28 सितंबर तक लागू रहेगा अंतरिम आदेश
अदालत ने यह अंतरिम आदेश अगली सुनवाई तक के लिए जारी किया है। मामले की अगली सुनवाई 28 सितंबर 2026 को होगी।
अदालत ने यह भी स्पष्ट किया है कि इस आदेश का इस्तेमाल उस उद्देश्य के अलावा किसी अन्य मकसद के लिए नहीं किया जा सकता, जिसके लिए इसे जारी किया गया है।
KVN Productions ने क्यों खटखटाया कोर्ट का दरवाजा?
फिल्म की प्रोडक्शन कंपनी KVN Productions LLP ने Order 39 Rules 1 और 2 CPC के तहत अंतरिम राहत की मांग की थी। निर्माता पक्ष की ओर से अदालत में यह मामला रखा गया कि फिल्म से संबंधित झूठी या मानहानिकारक सामग्री के प्रसार से निर्माता के हितों को नुकसान हो सकता है।
अदालत ने उपलब्ध दस्तावेजों पर विचार करने के बाद माना कि इस स्तर पर निर्माता के पक्ष में prima facie case मौजूद है और तत्काल अंतरिम सुरक्षा नहीं दी गई तो मुकदमा दायर करने का उद्देश्य प्रभावित हो सकता है।
यश की ‘Toxic’ को लेकर क्यों है इतनी चर्चा?
‘Toxic: A Fairy Tale for Grown-Ups’ यश की सबसे चर्चित आगामी फिल्मों में से एक है। फिल्म का निर्देशन Geetu Mohandas कर रही हैं और इसे KVN Productions के बैनर तले बनाया गया है।
फिल्म को लेकर लंबे समय से दर्शकों के बीच काफी उत्सुकता है। ऐसे में रिलीज से ठीक पहले आया बेंगलुरु कोर्ट का यह आदेश फिल्म से जुड़ी कानूनी खबरों को भी सुर्खियों में ले आया है।
मामले की मुख्य बातें
- फिल्म: Toxic: A Fairy Tale for Grown-Ups
- मुख्य अभिनेता: Yash
- प्रोडक्शन कंपनी: KVN Productions LLP
- कोर्ट: Bengaluru Additional City Civil and Sessions Court
- आदेश: Ex-parte Temporary Injunction
- Order Type: John Doe Order
- रोक: झूठे, दुर्भावनापूर्ण, मानहानिकारक और अपमानजनक कंटेंट के प्रकाशन/प्रसार पर
- अगली सुनवाई: 28 सितंबर 2026
- केस: KVN Productions LLP v. X Corp & Ors.
- Case No.: O.S./0006026/2026
Source: LiveLaw की 25 अगस्त 2026 की रिपोर्ट और संबंधित अदालत के अंतरिम आदेश के आधार पर।





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