चेन्नई, 28 अगस्त: तमिलनाडु के मंत्री पी. विश्वनाथन ने शुक्रवार को कांग्रेस नेता राहुल गांधी को लेकर बड़ा राजनीतिक बयान दिया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी “निश्चित तौर पर” 2029 के लोकसभा चुनाव में INDIA गठबंधन की ओर से प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार होंगे।
विश्वनाथन का यह बयान ऐसे समय आया है, जब तमिलनाडु में सत्तारूढ़ तमिलगा वेत्री कषगम (TVK) के भीतर मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय को भविष्य के प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार के रूप में पेश करने की मांग तेज हो रही है।
राहुल गांधी को लेकर विश्वनाथन की टिप्पणी 2029 की राजनीति और विपक्षी गठबंधन के संभावित नेतृत्व पर नई चर्चा शुरू कर सकती है।
विजय को PM उम्मीदवार बनाने की मांग के बीच बयान
हाल के दिनों में TVK के कई नेताओं और समर्थकों ने मुख्यमंत्री विजय को राष्ट्रीय राजनीति में बड़ी भूमिका देने की बात कही है। पार्टी के भीतर 2029 के लोकसभा चुनाव के लिए उन्हें प्रधानमंत्री पद के संभावित चेहरे के रूप में पेश करने की मांग भी सामने आई है। इस मुद्दे पर कांग्रेस और TVK के बीच राजनीतिक मतभेद की खबरें भी सामने आ चुकी हैं।
इसी बीच विश्वनाथन ने राहुल गांधी को INDIA गठबंधन का प्रधानमंत्री पद का चेहरा बताए जाने को लेकर अपना रुख स्पष्ट किया।
हालिया सर्वे में मोदी के बाद राहुल गांधी दूसरे स्थान पर
प्रधानमंत्री पद के लिए पसंदीदा चेहरों को लेकर हाल में सामने आए India Today-CVoter Mood of the Nation सर्वे में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पहले स्थान पर रहे, जबकि राहुल गांधी दूसरे स्थान पर थे। तमिलनाडु के मुख्यमंत्री विजय तीसरे स्थान पर उभरे।
हालांकि, किसी सर्वे में किसी नेता की रैंकिंग और किसी राजनीतिक गठबंधन द्वारा आधिकारिक प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार की घोषणा दो अलग बातें हैं। विश्वनाथन का ताजा बयान इस संदर्भ में एक राजनीतिक दावा है; 2029 के लिए INDIA गठबंधन की ओर से औपचारिक घोषणा का सवाल गठबंधन और उसके दलों के भविष्य के फैसलों पर निर्भर करेगा।
2029 से पहले विपक्षी राजनीति में बढ़ सकती है चर्चा
2029 के लोकसभा चुनाव में अभी समय है, लेकिन प्रधानमंत्री पद के संभावित चेहरों को लेकर विपक्षी राजनीति में चर्चा तेज होती दिखाई दे रही है। राहुल गांधी को लेकर विश्वनाथन का बयान और विजय को राष्ट्रीय राजनीति में आगे बढ़ाने की TVK नेताओं की मांग इस बहस को और प्रमुख बना सकती है।
फिलहाल, 2029 के चुनाव के लिए INDIA गठबंधन की ओर से प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार को लेकर कोई औपचारिक, अंतिम सामूहिक घोषणा सामने नहीं आई है। ऐसे में विश्वनाथन का बयान आगामी चुनावी राजनीति के संभावित समीकरणों को लेकर एक महत्वपूर्ण राजनीतिक संकेत के रूप में देखा जा रहा है।