व veteran बॉलीवुड अभिनेता नाना पाटेकर का 8 अक्टूबर 2026 को गोवा में अपने घर पर 75 वर्ष की आयु में निधन हो गया, यह बात बीबीसी सहित कई अंतरराष्ट्रीय समाचार एजेंसियों ने पुष्टि की। उनका निधन भारतीय सिनेमा के इतिहास में एक बड़ा क्षति के रूप में दर्ज किया गया है।
परिचय और करियर
नाना पाटेकर का जन्म 1 जनवरी 1951 को महाराष्ट्र के मुड़ु‑जंजीरा में हुआ था। उन्होंने मराठी थिएटर से अपना अभिनय सफर शुरू किया और 1980 के दशक की शुरुआत में हिन्दी सिनेमा में प्रवेश किया, जहाँ उनका पहला प्रमुख काम गमन (1985) था। 1989 में परिंदा में उनके प्रदर्शन ने उन्हें राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाई, जबकि 1995 की फिल्म क्रांतिकारी ने उन्हें एक सामाजिक चेतना वाले कलाकार के रूप में स्थापित किया।
पाटेकर को 1995 में राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार सर्वश्रेष्ठ अभिनेता के साथ-साथ फ़िल्मफ़ेयर सर्वश्रेष्ठ सहायक अभिनेता (क्रांतिकारी) का सम्मान मिला। उन्होंने परिंदा (1990) और क्रांतिकारी (1995) दोनों के लिए फ़िल्मफ़ेयर सर्वश्रेष्ठ सहायक अभिनेता के दो पुरस्कार जीते। 2013 में उन्हें भारत सरकार द्वारा पद्म श्री से सम्मानित किया गया, जो उनके सामाजिक कार्यों और मानवीय योगदान को मान्यता देता है। अपने चार दशकों के करियर में उन्होंने 200 से अधिक फ़िल्मों में काम किया, जिसमें हिन्दी, मराठी और अन्य क्षेत्रीय भाषाओं के प्रोजेक्ट शामिल हैं।
अभिनय के अलावा पाटेकर ने आपदा राहत, वंचित बच्चों के समर्थन और विभिन्न सामाजिक अभियानों में सक्रिय भागीदारी निभाई। उनका मानना था कि कलाकार का सामाजिक दायित्व भी उतना ही महत्वपूर्ण है जितना उनका पेशेवर योगदान।
परिवार की प्रतिक्रिया और आगे की योजना
पाटेकर के परिवार ने उनकी मृत्यु की पुष्टि की और बताया कि उनका अंतिम संस्कार गोवा में निजी तौर पर किया जाएगा। परिवार के सदस्यों ने सार्वजनिक रूप से कोई विस्तृत विवरण नहीं दिया, परन्तु उन्होंने कहा कि वे इस कठिन समय में शोक व्यक्त करने वाले सभी लोगों के प्रति आभारी हैं। गोवा पुलिस ने भी यह पुष्टि की कि मृत्यु उनके निवास स्थान पर हुई।
देशव्यापी श्रद्धांजलि
नाना पाटेकर के निधन पर बॉलीवुड के कई सह‑कलाकार, निर्देशक और राजनीतिक नेता ने सोशल मीडिया और सार्वजनिक मंचों पर श्रद्धांजलि अर्पित की। माधुर भंडारकर, माधुरी दीक्षित, शबाना आज़मी जैसे करीबी सहयोगियों ने उनके कार्यों और व्यक्तित्व की सराहना की। सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय से आधिकारिक शोक संदेश की उम्मीद की जा रही है, जबकि फ़िल्म एवं टेलीविज़न प्रोड्यूसर्स गिल्ड जैसी संस्थाएँ एक विशेष स्मरण समारोह आयोजित करने की संभावना बना रही हैं।